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200 करोड़ का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल तैयार, लेकिन सुविधाओं का इंतजार..उद्घाटन हुआ, सुविधाएं नहीं.. आखिर जनता को कब मिलेगा इनका लभ..

बिलासपुर। बिलासपुर जिले के कोनी में स्थित लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 220 बिस्तरों वाले सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। आम जनता को बेहतर और अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए गए इस अस्पताल के पूरी क्षमता से संचालित नहीं होने पर कांग्रेस नेता विजय केशरवानी ने सरकार से जवाब मांगा है।

उन्होंने कहा कि यह अस्पताल केवल एक भवन नहीं, बल्कि बिलासपुर संभाग के लाखों लोगों की उम्मीदों का केंद्र है। गरीब, किसान, मजदूर और मध्यमवर्गीय परिवारों को उम्मीद थी कि हार्ट, किडनी, न्यूरो और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अब उन्हें रायपुर, नागपुर, हैदराबाद या अन्य बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। लेकिन अस्पताल के लोकार्पण के काफी समय बाद भी कई आवश्यक सुविधाएं शुरू नहीं हो पाई हैं।

प्रधानमंत्री ने किया था लोकार्पण, फिर भी अधूरी हैं व्यवस्थाएं..
विजय केशरवानी ने कहा कि 29 अक्टूबर 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अस्पताल का लोकार्पण किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी अस्पताल का निरीक्षण किया था। उस समय उम्मीद जताई गई थी कि यह अस्पताल जल्द ही बिलासपुर संभाग में सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनेगा।
लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए जनता यह सवाल पूछ रही है कि करोड़ों रुपये खर्च होने और उद्घाटन होने के बावजूद अस्पताल अभी तक पूरी क्षमता से क्यों नहीं चल पाया है।
भवन तैयार, लेकिन सुविधाओं का इंतजार..
उन्होंने कहा कि किसी भी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की पहचान केवल उसकी इमारत से नहीं होती, बल्कि वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं से होती है। अस्पताल में 24 घंटे आपातकालीन सेवा, आईसीयू, कैथ लैब, ऑक्सीजन प्लांट, विशेषज्ञ चिकित्सक, प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ, तकनीकी कर्मचारी और अत्याधुनिक एंबुलेंस जैसी सुविधाएं अनिवार्य होती हैं।
आरोप है कि वर्तमान में इन महत्वपूर्ण सुविधाओं में से कई या तो उपलब्ध नहीं हैं अथवा पूरी तरह संचालित नहीं हो पा रही हैं। इसके कारण गंभीर मरीजों को अब भी सिम्स, जिला अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थानों में रेफर करना पड़ रहा है।
जनता के पैसे से बना अस्पताल, जवाबदेही भी तय हो..
कांग्रेस नेता ने कहा कि जनता के कर के पैसे से बने इस अस्पताल में यदि अभी भी ऑक्सीजन प्लांट, कैथ लैब और अन्य जीवनरक्षक सुविधाएं पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं, तो सरकार को इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद हैं तो कैथ लैब जैसी महत्वपूर्ण सुविधा अब तक क्यों शुरू नहीं हो सकी। गंभीर मरीजों को तत्काल उपचार और स्थानांतरण के लिए पूर्ण सुविधायुक्त एंबुलेंस की व्यवस्था क्यों नहीं की गई। साथ ही डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों की नियमित नियुक्ति कब तक होगी, इसकी जानकारी भी सरकार को देनी चाहिए।
दिलीप सिंह जूदेव के नाम से जुड़ी हैं जनभावनाएं..
विजय केशरवानी ने कहा कि इस अस्पताल का नाम छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के नाम पर रखा गया है। यह नाम केवल एक औपचारिक पहचान नहीं बल्कि प्रदेश की जनता की भावनाओं और सम्मान से जुड़ा हुआ है। ऐसे में अस्पताल को पूरी क्षमता से संचालित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नामकरण के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि अस्पताल अपनी मूल भावना के अनुरूप आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करे।
निजीकरण की आशंका पर सरकार दे स्पष्टीकरण..
उन्होंने कहा कि आम लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि भविष्य में कहीं इस अस्पताल के संचालन को निजी हाथों में तो नहीं सौंपा जाएगा। सरकार को इस विषय पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए ताकि जनता के मन में किसी प्रकार की आशंका न रहे।
कांग्रेस का कहना है कि यदि अस्पताल के संचालन, सुविधाओं और भविष्य को लेकर कोई योजना है तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। साथ ही सरकार को यह भरोसा दिलाना चाहिए कि अस्पताल का संचालन पूरी तरह जनहित और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को ध्यान में रखकर किया जाएगा।

कांग्रेस ने रखीं ये प्रमुख मांगें..
कांग्रेस नेता विजय केशरवानी ने अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट, कैथ लैब और आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की तत्काल स्थापना, विशेषज्ञ डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ की नियमित भर्ती, 24 घंटे आपातकालीन सेवा की शुरुआत, गंभीर मरीजों के लिए आधुनिक एंबुलेंस उपलब्ध कराने तथा अस्पताल को पूरी क्षमता से संचालित करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि यह किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि बिलासपुर की जनता के स्वास्थ्य अधिकार की लड़ाई है। जनता ने केवल एक भवन नहीं, बल्कि बेहतर इलाज की उम्मीद की थी। यदि जल्द आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी नहीं की गईं तो कांग्रेस जनता के हित में चरणबद्ध आंदोलन करने पर विचार करेगी।
जनता को अस्पताल चाहिए, सिर्फ उद्घाटन नहीं..
विजय केशरवानी ने कहा कि बिलासपुर की जनता अब यह जानना चाहती है कि 220 बिस्तरों वाला यह अस्पताल पूरी क्षमता से कब शुरू होगा। जनता को केवल भवन और आश्वासन नहीं, बल्कि बेहतर और समय पर इलाज चाहिए। यही इस अस्पताल के निर्माण का मूल उद्देश्य भी था।सवाल अब भी वही है 200 करोड़ के इस निवेश का लाभ आम आदमी को कब मिलेगा? क्या सरकार इस मामले में संज्ञान लेकर जल्द ही अस्पताल को शुरू करेगा यह फिर समय में यह जाने वाली बात है।