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सीपत/आज दिनांक 10 मई 2026 को ग्राम पंचायत भवन खम्हरिया में क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं को लेकर एक महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक आहूत की गई। इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु सीपत-बलौदा मार्ग की अत्यंत जर्जर स्थिति रही, जो वर्तमान में राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने एक स्वर में शासन-प्रशासन के खिलाफ हुंकार भरते हुए सड़क निर्माण की एक सूत्रीय मांग रखी।

प्रमुख निर्णय और आंदोलन की रणनीति
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि प्रशासन एक सप्ताह के भीतर सड़क निर्माण का कार्य धरातल पर प्रारंभ नहीं करता है, तो क्षेत्रवासी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। कल सौंपेंगे ज्ञापन: रणनीति के तहत कल जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सड़क की बदहाली से अवगत कराया जाएगा और आंदोलन की समय-सीमा तय की जाएगी।

शांतिपूर्ण चक्काजाम: अल्टीमेटम अवधि समाप्त होने के पश्चात शासन-प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करने हेतु शांतिपूर्ण तरीके से ‘चक्काजाम’ किया जाएगा।
जनप्रतिनिधियों ने जताई गहरी चिंता
बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सीपत-बलौदा मार्ग की हालत इतनी खराब है कि आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। धूल और गड्ढों के कारण व्यापार और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं। जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि अब कोरे आश्वासनों से काम नहीं चलेगा, जनता को जल्द से जल्द पक्की सड़क चाहिए।
बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित रहे
इस महत्वपूर्ण बैठक में खम्हरिया के गौटिया एवं पूर्व सरपंच शरद दुबे, शत्रुहन लास्कर, देवेश शर्मा (जनपद सदस्य लुतरा-खम्हरिया), श्वेता शैलेन्द्र खांडेकर (अध्यक्ष, सरपंच संघ खम्हरिया सीपत), नूर मोहम्मद, वीरेंद्र लैहर्षण, फज्जू खान, फिरत अनंत, बलराम वस्त्रकार, देव साहू, लव गन्धर्व, उमा खरे, भास्कर कश्यप, श्रवण वस्त्रकार सहित भारी संख्या में स्थानीय सरपंच, पंच और जागरूक नागरिक उपस्थित रहे।