नागपुर भेजी जा रही लाखों की पुरानी बैटरियां जब्त, दुकान के सामने नाली में बहाया जा रहा था एसिड..

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नागपुर भेजी जा रही लाखों की पुरानी बैटरियां जब्त, दुकान के सामने नाली में बहाया जा रहा था एसिड!


प्रदूषण नियंत्रण मंडल की बड़ी कार्रवाई, बिना अनुमति बैटरी अपशिष्ट परिवहन का मामला; पर्यावरण और लोगों की सेहत पर मंडराया खतरा




बिलासपुर।  आज दिनांक 13/07/26 को शहर में अमरान बैटरी गुंबर पेट्रोल पंप के पास व्यापार बिहार बिलासपुर में कार्यवाही चल रही है  पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी का एक गंभीर मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, बिलासपुर ने लाखों रुपये मूल्य की प्रयुक्त लेड-एसिड बैटरियों से भरे एक ट्रक को कार्रवाई करते हुए जब्त किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बैटरी अपशिष्ट को आवश्यक अनुमति और वैधानिक दस्तावेजों के बिना नागपुर ले जाने की तैयारी की जा रही थी।

बिलासपुर में पूर्व में भी प्रदूषण नियंत्रण मंडल के  द्वारा।की जा चुकी है कार्यवाही
मामले को और गंभीर बनाते हुए स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि संबंधित दुकान परिसर में रखी पुरानी बैटरियों  को मेटाडोर क्रमांक सीजी07DE 0986 में लोड कर के नागपुर भेजा जा रहा था पुरानी एसिड बैटरी से निकलने वाला एसिडयुक्त पानी सीधे खुले नाले में बहाया जा रहा था। इससे आसपास का वातावरण प्रदूषित हो रहा है और स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य पर भी खतरा उत्पन्न हो सकता है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से यह स्थिति बनी हुई थी, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से समस्या बढ़ती गई।
शिकायत मिलने के बाद छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

निरीक्षण के दौरान ट्रक में लदी प्रयुक्त बैटरियों, उनके परिवहन से जुड़े दस्तावेजों तथा पर्यावरणीय मानकों का परीक्षण किया गया। प्रारंभिक स्तर पर दस्तावेजों और अनुमति से जुड़ी अनियमितताएं सामने आने के बाद ट्रक को जब्त कर लिया गया। अधिकारियों ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार जब्त की गई बैटरी  नागपुर भेजा जाना था। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बैटरियां कहां से एकत्र की गईं, परिवहन किसके निर्देश पर किया जा रहा था और पर्यावरणीय नियमों का पालन क्यों नहीं किया गया।
विशेषज्ञों के अनुसार प्रयुक्त लेड-एसिड बैटरियां खतरनाक अपशिष्ट की श्रेणी में आती हैं।

इनके अनुचित भंडारण, परिवहन या एसिड के खुले में बहाव से मनुष्यों में  गंभीर बीमारी होती है  मिट्टी, जल स्रोत और पर्यावरण प्रदूषित होने के साथ-साथ आम लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं।
प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच जारी है। यदि जांच में पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों एवं संस्थानों के विरुद्ध पर्यावरण संरक्षण अधिनियम तथा अन्य लागू प्रावधानों के तहत कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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