कलेक्टर-एसएसपी के नेतृत्व में निकला गया ऐतिहासिक शांति मार्च हर वर्ग ने मिलकर कहा…शांति और सामाजिक एकता ही बिलासपुर की असली पहचान…

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कलेक्टर-एसएसपी के नेतृत्व में निकला ऐतिहासिक शांति मार्च हर वर्ग ने मिलकर कहा…शांति और सामाजिक एकता ही बिलासपुर की असली पहचान…




बिलासपुर। बिलासपुर पहले से ही अपने शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारे के बारे में प्रसिद्ध है साथ ही शहर में एक ऐतिहासिक शांति मार्च का आयोजन, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की इस संयुक्त पहल में समाज के हर वर्ग ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और यह स्पष्ट संदेश दिया कि बिलासपुर हमेशा से शांति और एकता का प्रतीक रहा है।बिलासपुर शांति सद्भाव और सामाजिक एकता की मिसाल कायम करते हुए आज बिलासपुर में एक ऐतिहासिक शांति मार्च निकाला गया। हालिया घटनाक्रम के बीच प्रशासन और पुलिस की संवेदनशील एवं दूरदर्शी पहल ने शहरवासियों को एकजुटता का ऐसा संदेश दिया, जिसने बिलासपुर की गंगा-जमुनी तहजीब, भाईचारे और शांतिप्रिय परंपरा को और मजबूत किया। कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के नेतृत्व में निकले इस शांति मार्च में समाज के विभिन्न वर्गों, समुदायों, शांति समिति के सदस्यों, गणमान्य नागरिकों, मीडिया प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।



नेहरू चौक से प्रारंभ हुआ शांति मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए गांधी चौक पहुंचकर संपन्न हुआ। मार्च के दौरान एकजुट नागरिकों ने स्पष्ट संदेश दिया कि बिलासपुर की ताकत उसकी सामाजिक एकता, आपसी विश्वास और भाईचारे में है तथा किसी भी परिस्थिति में शहर की शांति और सद्भाव को कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।




कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि बिलासपुर की पहचान सदैव शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारे से रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक सूचना अथवा अपुष्ट खबर पर विश्वास न करें और न ही उसे आगे प्रसारित करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन नागरिकों की सुरक्षा तथा शहर में शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए पूरी तरह सजग और प्रतिबद्ध है।



वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कहा कि शहर में शांति एवं सामान्य स्थिति बनाए रखने में नागरिकों, विभिन्न समाजों तथा मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी अफवाह या विवाद की स्थिति में कानून अपने हाथ में लेने के बजाय तत्काल पुलिस एवं प्रशासन को सूचना दें। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी, संयम और आपसी सहयोग ही किसी भी शहर की शांति की सबसे बड़ी ताकत होती है।
एक समाज नहीं, पूरे शहर के हित में उठे कदम ने दिया बड़ा संदेश-:
शांति मार्च में शामिल विभिन्न समाजों एवं समुदायों के प्रतिनिधियों ने कहा कि बिलासपुर किसी एक वर्ग या समुदाय का नहीं, बल्कि सभी का साझा शहर है। यहां की पहचान सामाजिक समरसता, परस्पर सम्मान और भाईचारे से बनी है। प्रतिनिधियों ने प्रशासन एवं पुलिस की पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज के बीच विश्वास को मजबूत करते हैं और किसी भी तनावपूर्ण परिस्थिति में संवाद एवं सद्भाव का रास्ता प्रशस्त करते हैं।



उन्होंने शहर की शांति, कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रशासन एवं पुलिस को हरसंभव सहयोग देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। शांति समिति के निर्णय ने लिया व्यापक रूप उल्लेखनीय है कि हालिया घटनाक्रम के मद्देनजर आयोजित शांति समिति की बैठक में शहर में शांति एवं सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के उद्देश्य से 3 सितंबर को शांति मार्च निकालने का निर्णय लिया गया था। समिति के सदस्यों ने भी प्रशासन एवं पुलिस को हरसंभव सहयोग देने का संकल्प व्यक्त किया था।


आज का शांति मार्च उस सामूहिक संकल्प का जीवंत स्वरूप बनकर सामने आया। इसमें समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता ने यह साबित किया कि जब शहर की शांति का सवाल हो तो मतभेद पीछे छूट जाते हैं और बिलासपुर एक परिवार की तरह एकजुट होकर खड़ा होता है।
एकता की तस्वीर बनी सड़कों पर उमड़ी सहभागिता-:
नेहरू चौक से गांधी चौक तक निकले शांति मार्च में बड़ी संख्या में नागरिकों की मौजूदगी शहर की सामूहिक चेतना और शांति के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बनी। प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ विभिन्न समाजों एवं समुदायों के प्रमुख, शांति समिति के सदस्य, मीडिया प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक भी मार्च में शामिल हुए।नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  संदीप अग्रवाल सहित प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।


बिलासपुर की सड़कों पर उमड़ा यह जनसैलाब केवल एक मार्च नहीं, बल्कि सामाजिक विश्वास, आपसी भाईचारे और शांति के पक्ष में पूरे शहर की सामूहिक आवाज बन गया। इस अवसर पर नागरिकों ने एकजुट होकर संदेश दिया कि बिलासपुर की शांति और सद्भाव किसी भी परिस्थिति से बड़ा है और इसे बनाए रखना हर नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।
आज का यह शांति मार्च बिलासपुर के इतिहास में उस सामूहिक संकल्प के रूप में याद किया जाएगा, जब पूरे शहर ने एक स्वर में कहा शांति हमारी पहचान है, भाईचारा हमारी ताकत है और सामाजिक एकता हमारा संकल्प।इस शांति मार्च ने यह साबित कर दिया कि शहर के नागरिक एकजुट होकर हर परिस्थिति में शांति और आपसी प्रेम की परंपरा को बनाए रखने के लिए संकल्पित हैं।

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