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लुतरा शरीफ में परचम कुशाई के साथ 68वें सालाना उर्स-ए-पाक का आगाज..शहंशाह-ए-छत्तीसगढ़ हज़रत बाबा सैय्यद इंसान अली शाह की बारगाह में उमड़ा अकीदतमंदों का हुजूम…

बिलासपुर लुतरा / छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध सूफी एवं धार्मिक स्थल लुतरा शरीफ में शहंशाह-ए-छत्तीसगढ़ हज़रत बाबा सैय्यद इंसान अली शाह रहमतुल्लाहि अलैह के 68वें सालाना उर्स-ए-पाक का सोमवार को पारंपरिक परचम कुशाई के साथ विधिवत आगाज हुआ। उर्स के प्रारंभ होते ही दरगाह परिसर अकीदतमंदों की आवाजाही से गुलजार हो उठा। छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे जायरीनों ने बाबा की बारगाह में हाजिरी दी और मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली, तरक्की तथा आपसी भाईचारे की दुआ मांगी।

परचम कुशाई के मौके पर दरगाह परिसर में रूहानी माहौल नजर आया। बड़ी संख्या में पहुंचे अकीदतमंदों ने पूरी अकीदत और एहतराम के साथ दरगाह में चादर पेश की तथा फातिहा पढ़ी। जायरीनों ने अपनी मन्नतों और दुआओं के साथ बाबा की बारगाह में हाजिरी लगाई। उर्स के आगाज के साथ ही लुतरा शरीफ में अगले पांच दिनों तक चलने वाले विभिन्न धार्मिक और रूहानी कार्यक्रमों का सिलसिला भी शुरू हो गया है।देशभर से पहुंच रहे जायरीन

68वें सालाना उर्स-ए-पाक में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों के अलावा देश के विभिन्न राज्यों से भी जायरीनों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। दूर-दराज से आने वाले अकीदतमंदों की सुविधा को देखते हुए दरगाह इंतजामिया कमेटी की ओर से व्यवस्थाओं को व्यवस्थित किया गया है। दरगाह परिसर और आसपास के क्षेत्र में साफ-सफाई, पेयजल, रोशनी, पार्किंग सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

दरगाह इंतजामिया कमेटी लुतरा शरीफ के सदर हाजी इकबाल हक सहित कमेटी के पदाधिकारी और सदस्य उर्स की व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी कर रहे हैं। कमेटी की ओर से जायरीनों से शांति, अनुशासन और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की गई है, ताकि देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले सभी अकीदतमंदों को सुगम एवं शांतिपूर्ण माहौल मिल सके।पांच दिनों तक होंगे धार्मिक और रूहानी कार्यक्रम,,,उर्स-ए-पाक के आगामी दिनों में कई महत्वपूर्ण धार्मिक एवं रूहानी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें गुस्ले मजार, शाही संदल-चादर, जश्ने दस्तारे हिफ्ज, तकरीरी कार्यक्रम, नातिया मुशायरा, महफिले समां और कव्वाली प्रमुख रूप से शामिल हैं।

इन कार्यक्रमों में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले उलेमा, शायर, नातख्वां और कव्वाल शिरकत करेंगे।उर्स के दौरान दरगाह परिसर में अकीदतमंदों की लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए इंतजामिया कमेटी द्वारा व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। जायरीनों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक इंतजामों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

परचम कुशाई के साथ शुरू हुआ यह पांच दिवसीय 68वां सालाना उर्स-ए-पाक 2 अक्टूबर तक चलेगा। उर्स के समापन अवसर पर कुल शरीफ की फातिहा आयोजित की जाएगी। इस दौरान मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली, तरक्की और आपसी भाईचारे के लिए विशेष दुआ की जाएगी।लुतरा शरीफ में उर्स-ए-पाक के आगाज के साथ ही श्रद्धा और रूहानियत का माहौल कायम है। दरगाह में देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंच रहे जायरीन बाबा की बारगाह में हाजिरी देकर अपनी मन्नतें मांग रहे हैं।