संवाददाता श्रवण कुमार वर्मा की रिपोर्ट
बिलासपुर में रामनवमी पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब, भव्य शोभायात्रा में दिखी भक्ति और संस्कृति की अनूठी झलक

बिलासपुर / बिलासपुर की सड़कें भक्ति, संस्कृति , परमपरिक वेशभूषा और जीवंत ऊर्जा से सराबोर नजर आईं। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जन्मोत्सव ‘रामनवमी’ के पावन अवसर पर पूरा शहर राममय हो गया। श्री वेंकटेश मंदिर से निकाली गई भव्य शोभायात्रा ने शहर के वातावरण को आध्यात्मिक उल्लास से भर दिया, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
शोभायात्रा का आकर्षण झांकियां

शोभायात्रा का शुभारंभ श्री वेंकटेश मंदिर से पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ हुआ। यात्रा की अगवाई हनुमंत लाल जी की विशाल और भव्य मूर्ति कर रही थी, जो आकर्षण का केंद्र रही। शोभायात्रा में श्री राम दरबार की जीवंत झांकी के साथ श्री वेंकटेश स्वामी की प्रतिमा और अन्य मनमोहक झांकियों ने भक्तों का मन मोह लिया। विभिन्न रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे नर्तक दलों और लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन किया। ढोल-ताशों की थाप पर नाचते-गाते भक्त भक्ति के सागर में गोते लगाते नजर आए।
जगह-जगह हुआ आतिशबाजी और पुष्प वर्षा से स्वागत

सदर बाजार, गोल बाजार सहित शोभायात्रा के निर्धारित मार्गों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और व्यापारिक संगठनों द्वारा जगह-जगह मंच बनाकर शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया। गोल बाजार में ऐतिहासिक आतिशबाजी और पुष्प वर्षा के साथ श्री रामलला की प्रतिमा का अभिनंदन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं के बीच भारी उत्साह देखा गया और संगठनों द्वारा जगह-जगह शीतल पेयजल एवं भोग प्रसाद का वितरण किया गया।
अखिल भारतीय हिंदू परिषद के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने निभाई अहम भूमिका

इस पावन अवसर पर अखिल भारतीय हिंदू परिषद के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में सम्मिलित होकर अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई। संगठन के सदस्यों ने शोभायात्रा की व्यवस्थाओं और संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।