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पत्रकारों की सजगता बनी सुरक्षा की ढाल.अशोक नगर में आगजनी की बड़ी घटना टली

बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत अशोक नगर मुरूम खदान के पास 22-23 अप्रैल की दरमियानी रात एक हृदय विदारक घटना सामने आई, जहां वार्ड क्रमांक 57 में स्थित मीरा गुप्ता की दुकान (गोदाम) को अज्ञात आपराधिक तत्वों ने आग के हवाले कर दिया। इस भीषण आगजनी में एक गरीब परिवार की वर्षों की मेहनत और आजीविका पलभर में राख हो गई।
पत्रकारों की सजगता बनी सुरक्षा की ढाल

रात के सन्नाटे में जब आग की लपटें उठ रही थीं, उसी दौरान एक मुहिम पर निकले पत्रकारों की टीम ने इस घटना को देखा।
जोगी जगत न्यूज़ नेटवर्क से शेख अब्दुल कलीम तथा आर हिंदुस्तान टीवी से राकेश सिंह ठाकुर, राकेश पांडेय और रामकुमार ने अपनी जिम्मेदारी का परिचय देते हुए तत्काल सरकंडा थाना को सूचना दी।
इन पत्रकारों की तत्परता, संवेदनशीलता और सामाजिक दायित्व के प्रति समर्पण ने न केवल एक बड़ी दुर्घटना को टालने में मदद की, बल्कि यह भी साबित किया कि पत्रकारिता केवल खबर दिखाने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की सुरक्षा और जागरूकता का मजबूत स्तंभ है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई

सूचना मिलते ही बीट ड्यूटी में तैनात आरक्षक गेंदराम सोनवानी (1398) और संदीप कश्यप (1241) मौके पर पहुंचे। उस समय कुछ लोग आग के बीच दुकान में घुसकर सामान निकालने का प्रयास कर रहे थे, जिससे जनहानि की आशंका थी।
पुलिस ने तत्काल समझाइश देकर लोगों को रोका और स्थिति को नियंत्रित किया, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई।
फायर ब्रिगेड टीम की मेहनत
रात लगभग 2:30 बजे सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह लगभग 3:00 बजे आग पर पूरी तरह काबू पाया गया।
हालांकि तब तक दुकान का अधिकांश सामान जलकर खाक हो चुका था और लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
यह दुकान एक गरीब परिवार के जीवन का आधार थी। इसी से उनके घर का खर्च चलता था, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी होती थीं। आज आग की इस घटना ने उन्हें असहाय कर दिया है—जहां मेहनत की कमाई राख बन चुकी है और भविष्य अनिश्चित नजर आ रहा है।

स्थानीय लोगों में घटना को लेकर गहरी नाराजगी
स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरी नाराजगी है। उनका कहना है कि अशोक नगर क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक गतिविधियां अब छोटे व्यवसायियों को भी निशाना बना रही हैं। यह घटना प्रशासन के लिए एक चेतावनी है कि यदि समय रहते सख्ती नहीं बरती गई, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
यह केवल आगजनी की घटना नहीं, बल्कि एक मेहनतकश परिवार के सपनों पर हमला है। अब आवश्यकता है कि प्रशासन दोषियों की जल्द पहचान कर कठोर कार्रवाई करे और पीड़ित परिवार को राहत प्रदान करे।
गौरतलब है की इस घटना ने जहां एक ओर अपराध की गंभीर तस्वीर सामने रखी है, वहीं दूसरी ओर पत्रकारों की जागरूकता, तत्परता और सामाजिक जिम्मेदारी ने यह साबित कर दिया कि सच्ची पत्रकारिता समाज की रक्षा का एक मजबूत आधार है।