वार्ड क्रमांक 29 संजय नगर इस बार किसकी होगी जीत..69 फीसदी वोट ने स्थानीय राजनीति में डाला सस्पेंस..

One bharat national news

वार्ड क्रमांक 29 संजय नगर इस बार किसकी होगी जीत..69 फीसदी वोट ने स्थानीय राजनीति में डाला सस्पेंस

बिलासपुर/नगर निगम उपचुनाव वार्ड क्रमांक 29 संजय नगर में हुए उपचुनाव ने स्थानीय राजनीति को संशय में डाल दिया है। सोमवार को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक चले मतदान में वार्ड के करीब 69 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही, लेकिन मतदान केंद्रों के बाहर राजनीतिक दलों की सक्रियता, नारेबाजी और नेताओं की मौजूदगी ने चुनावी माहौल को पूरी तरह गरमा दिया
: एसआईआर ने वार्ड का भूगोल बदल दिया


विशेष गहन पुनरीक्षण के पहले वार्ड में कुल 7,155 मतदाता थे। पुनरीक्षण के बाद मतदाताओं की संख्या घटकर 5,255 रह गई। यानी लगभग 1,900 नाम मतदाता सूची से बाहर हुए।
वर्तमान मतदाता संरचना पर नजर डालें तो मुस्लिम मतदाताओं की संख्या लगभग 1,359, सतनामी समाज के मतदाता 681, ईसाई समुदाय के 611, आदिवासी मतदाता 295 तथा धोबी समाज के 239 मतदाता हैं। कुल मिलाकर सामाजिक समीकरण का इस चुनाव में निर्णायक भूमिका रहेगी ।सारे नेता जातिगत समीकरण को ध्यान में रख मतदाताओं को लुभाने की पूरी कोशिश की है। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि दिवंगत कांग्रेस पार्षद शेख असलम के कार्यकाल और सहानुभूति लहर के कारण वार्ड में पार्टी की स्थिति मजबूत है और मतदाता इस बार भी कांग्रेस के पक्ष में मतदान करेंगे। भाजपा नेताओं के बातों ,लुभाव  में नहीं फंसेंगे। भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रदेश में विष्णुदेव साय सरकार की योजनाओं और संगठन की सक्रियता का लाभ पार्टी को मिलेगा तथा इस बार परिणाम निश्चित ही भाजपा के पक्ष में रहेगी। 69 प्रतिशत मतदान के बाद तार बाहर क्षेत्र में चुनावी शोर थम गया है और नतीजे को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई है। राज्य में प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस अपने परंपरागत गढ़ को बचाने कोई कसर नहीं छोड़ी है तो लगातार चुनाव हार रही सत्तारूढ़ दल भाजपा के नेता इस वार्ड में अबकी बार कब्जे का भरोसा जता रही है।

मतदान केंद्रों के बाहर नेताओं में हुई झड़प और नोकझोंक: मतदान के दौरान बूथ परिसर में प्रवेश को लेकर पूर्व विधायक शैलेश पांडेय, पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जावेद मेमन का भाजपा नेता रंगानादम और भाकपा नेता मोनू रजक के बीच तीखी बहस हो गई। मामला तू-तू मैं-मैं से आगे बढ़कर तनातनी तक पहुंच गया, लेकिन मौके पर मौजूद प्रशासन और पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित कर लिया।

बूथों पर एक एक वोट को अपने पक्ष में करने मतदान केंद्रों के आसपास कांग्रेस और भाजपा के दिग्गज नेताओं की लगातार मौजूदगी बनी रही।
कांग्रेस की ओर से जिला शहर अध्यक्ष सुधांशु मिश्रा, पूर्व शहर अध्यक्ष विजय पांडेय, पूर्व जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अभय नारायण राय, पूर्व पार्षद रविंद्र सिंह, रामा बघेल, समीर अहमद बबला, नेता प्रतिपक्ष भरत कश्यप, ऋषि पांडेय, जावेद मेमन और पूर्व महापौर राजेश पांडेय, मनोज तिवारी सहित अनेक नेता पूरे समय सक्रिय रहे। वहीं भाजपा की ओर से, मनीष अग्रवाल, मकबूल अहमद, प्रवीण दुबे, रंगानादम और अन्य वरिष्ठ नेता मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं से संपर्क साधते दिखाई दिए।
शेख परिवार का गढ़ कायम रहेगा  या भाजपा की वापसी।
यह वार्ड लंबे समय से कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। सबसे पहले कांग्रेस नेता शेख गफ्फार ने भाजपा को हराकर इस सीट पर कब्जा किया था। उनके निधन के बाद कांग्रेस ने उनके छोटे भाई शेख असलम को मैदान में उतारा।शेख असलम ने लगातार दो चुनावों में भाजपा प्रत्याशी मसूदन राव को पराजित कर वार्ड में कांग्रेस का दबदबा कायम रखा लेकिन चार-पांच माह पहले उनके निधन के बाद यह सीट रिक्त हो गई और उपचुनाव कराना पड़ा। कांग्रेस ने राजनीतिक विरासत को कायम रखने और सहानुभूति वोट को साधने के लिए शेख असलम के पुत्र मोहम्मद आजम को उम्मीदवार बनाया है। दूसरी ओर भाजपा ने तीसरी बार मसूदन राव को मैदान में उतारकर वर्षों पुरानी हार का बदला लेने पूरी ताकत झोक डाली है।

अब सभी की निगाहें मतगणना और चुनाव परिणाम पर टिकी हैं। वार्ड क्रमांक 29 में जनता किस उम्मीदवार पर भरोसा जताती है और किस दल का परचम लहराता है, इसका फैसला परिणाम घोषित होने के बाद ही होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *