One bharat national news
छत्तीसगढ़ पुलिस के दो जांबाज इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट और रामेश्वर देशमुख को मिला शौर्य चक्र सम्मान

रायपुर/छत्तीसगढ़ पुलिस के दो जांबाज अधिकारियों इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट और इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख को देश के प्रतिष्ठित वीरता सम्मान शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है. नई दिल्ली में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दोनों अधिकारियों को यह सम्मान प्रदान किया. इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा ने दोनों अधिकारियों को बधाई देते हुए उनके साहस, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की भावना को प्रेरणादायक बताया है.

राष्ट्रपति भवन में मिला वीरता का सर्वोच्च सम्मान
नई दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट और इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख को शौर्य चक्र से सम्मानित किया. इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्य, संसद के प्रतिनिधि और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. दोनों अधिकारियों को यह सम्मान नक्सल विरोधी अभियान में दिखाए गए अद्वितीय साहस और नेतृत्व के लिए प्रदान किया गया.

कांकेर जिले के दो जांबाज पुलिस अधिकारी लक्ष्मण केवट एवं रामेश्वर देशमुख को भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा देश के प्रतिष्ठित वीरता अलंकरण शौर्य चक्र से सम्मानित किया। यह सम्मान राष्ट्र की सुरक्षा, जनसुरक्षा एवं नक्सल उन्मूलन के क्षेत्र में दोनों अधिकारियों द्वारा किए गए उत्कृष्ट एवं साहसिक कार्यों की राष्ट्रीय स्तर पर हुई गौरवपूर्ण स्वीकृति है। यह उपलब्धि न केवल कांकेर पुलिस बल्कि सम्पूर्ण बस्तर पुलिस एवं छत्तीसगढ़ पुलिस परिवार के लिए गर्व और सम्मान का विषय है।

नक्सल विरोधी अभियानों में उत्कृष्ट योगदान
दोनों अधिकारियों ने बस्तर संभाग के अत्यंत संवेदनशील एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सेवा देते हुए अनेक महत्वपूर्ण अभियानों का सफल नेतृत्व किया। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, चुनौतीपूर्ण सुरक्षा वातावरण एवं विषम परिस्थितियों में उनके साहस, रणनीतिक कौशल और नेतृत्व क्षमता ने सुरक्षा बलों को कई बड़ी सफलताएं दिलाईं।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जान की परवाह किए बिना कर्तव्य निभाने वाले इन दोनों वीर अधिकारियों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि साहस, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की भावना ही पुलिस बल की सबसे बड़ी ताकत है. शौर्य चक्र से सम्मानित होकर उन्होंने छत्तीसगढ़ ही नहीं, पूरे देश का मान बढ़ाया है.